Inspirational short stories about life in hindi-part 2

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Inspirational short stories about life in hindi
Inspirational short stories about life in hindi

 

Story-1

 

Inspirational short stories about life in hindi

 

This inspirational short stories about life can change your life so read it carefully…….

शिक्षक समीर जोशी कई दिनों के बाद अपने दोस्त की मुलाकात करने उसकी दुकान पर आए।

कई दिन हो गए थे समीर को मिले इसलिए उसको देखते ही दोस्त के चेहरे पर खुशी छा गई। दोनों ने बातों का पिटारा खोल दिया।

चाय नाश्ता कर लेने के बाद समीर बोला दोस्त में एक बात पूछूं

इससे पहले जब भी मैं यहां आया यहां कस्टमर बहुत ज्यादा हुआ करते थे। हमें बात करने का समय भी नहीं मिलता था।

लेकिन आज मैं देख रहा हूं कि कस्टमर का यहां पर तो अकाल पड़ा हुआ है। दुकान में वर्कर्स भी पहले के मुकाबले बहुत कम दिखाई दे रहे हैं।

दोस्त ने समीर की बातों को नजरअंदाज करते हुए कहा, अरे जाने दे यार, हमने मार्केट के चढ़ाव उतार को देखा है। आज मंदी है तो कल तेजी होगी।

इस बात पर समीर थोड़ा असहज हुआ और बोला, दोस्त ऐसी बातों को इग्नोर मत कर। इस बात का तुझे भी पता है की तेरी आस पास कपड़े की सात आठ दूसरी नई दुकानें हुई है।

स्पर्धा काफी है और तेरी दुकान तो…….

समीर की बातों को हवा में उड़ाते हुए दोस्त मजाकिया लहजे में बोला, नई दुकाने होने से मुझे क्या फर्क पड़ेगा? एैसे तो कहीं आते हैं और चले जाते हैं….

समीर को पता लग गया था कि यह बहुत टेढ़ा इंसान है ऐसे नहीं समझेगा।

उसने अपने दोस्त को थोड़े दिनों के बाद अपने घर पर बुलाया।

जब दोस्त थोड़े दिनों के बाद उनके घर पहुंचा तो शिक्षक समीर ने

गर्मजोशी से उसका स्वागत किया। थोड़ी देर चाय नाश्ता और बातें होती रही बाद में समीर उसको अपने घर में बनी प्रयोगशाला में ले गया।

दोस्त, आज मैं तुझे एक अनोखा और रसप्रद प्रयोग दिखाता हूं। समीर ने एक पात्र में गरम पानी लिया और उसमें एक मेंढ़क को डाला।

 गर्म पानी के कांटेक्ट में आते ही मेंढक सतर्क हो गया और छलांग लगाकर भाग निकला।

फिर समीर ने पात्र से गर्म पानी फेंक कर उसमें ठंडा पानी भरा।

एक बार फिर मेंढक को उस में डाला। बहुत ही स्वाभाविक था मेंढक उसमें आराम से तैरने लगा।

तभी समीर ने एक अनोखा काम किया, उसने पात्र को उठाकर

एक गैस बर्नर पर रख दिया और बहुत ही धीमी आंच पर पानी गर्म करने लगा।

थोड़ी देर में पानी गर्म होने लगा मेंढ़क को थोड़ा अजीब तो लगा लेकिन मेंढक अपने आप को पात्र में गर्म हुए पानी के तापमान के हिसाब से एडजस्ट करता गया।

जैसे जैसे पानी गर्म होता गया वैसे-वैसे मेंढक अपने शरीर के तापमान को एडजस्ट करता गया और आराम से पढ़ा रहा।

लेकिन जब एक हद से ज्यादा पानी गर्म हो गया और उबलने लगा तब मेंढक को लगा कि अब मेरी जान को खतरा है। तब उसने पूरे जोरों से बाहर कूदने की कोशिश की

लेकिन बार-बार खुद को एडजस्ट करते करते उसके शरीर की काफी एनर्जी वेस्ट हो चुकी थी और अब अपने आप को बचाने के लिए नहीं उसके पास कोई शक्ति बची थी और ना ही समय बचा था देखते ही देखते उबलते पानी ने मेंढक की जान ले ली।

प्रयोग देखने के बाद दोस्त बोला-

यार तूने यह क्या किया मेंढ़क को यूहीं मार क्यों दिया?

और मुझे यह सब दिखाने कि  क्या जरूरत थी?

समीर बोला, इस मेंढक को मैंने नहीं मारा उसने खुद को मारा है।

अगर वह बदलती हुई परिस्थिति में बार-बार अपने आप को एडजस्ट नहीं करता और उससे बचने के कुछ उपाय ढूंढता तो वह आसानी से बच जाता।

और रही बात तुझे बताने की तो तू भी इसी मेंढक की तरह इस वक्त परिस्थिति में से बाहर निकलने का सोच नहीं रहा और ऐसे ही अपना बिजनेस चला रहा है।

 

तेरा कारोबार कितना बड़ा है और तू बाजार की परिस्थितियों को समझ ही नहीं रहा और बस ऐसा ही सोचे जा रहा है की यह सब अपने आप हो जाएगा।

लेकिन जिंदगी में एक बात याद रखना दोस्त अगर तू आज हो रहे बदलाव के अनुसार अपने आप को ढाल नहीं सका तो इसी तरह इस मेंढक के जैसे कल को संभालने के लिए न तो तेरे पास कोई शक्ति बचेगी और नहीं तेरे पास वक्त बचेगा।

शिक्षक समीर की बात ने उसकी आंखें खोल दी। उसने अपने दोस्त को गले लगाया और प्रॉमिस किया फिर एक बार वह

पहले की तरह  बिजनेस लीडर बनकर दिखाएगा।

दोस्तो समीर सर के उस दोस्त की तरह कई लोग अपनी जिंदगी में अपने आसपास हो रहे किसी भी बदलाव को नजरअंदाज करते रहते हैं। दूसरे लोग अपनी जिन क्षमताओं के कारण नौकरी के लिए चुने जाते हैं बस उसी पर अटके रहते हैं खुद में कुछ भी बदलाव नहीं करते। अपने आप को अपडेट करना उसे याद आता ही नहीं। कई लोग सालों से जिस ढंग से अपना धंधा कर रहे होते हैं बस उसी तरीको को पकड़ कर बैठे रहते हैं और बाद में बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है।डार्विन का Fitness for survival याद रखो।

दोस्तों यदि आप भी इस गलती को अपनी जिंदगी में दोहरा रहे हो तो सतर्क हो जाइए और इस कहानी से बोध लेते हुए अपने आसपास हो रहे किसी भी परिवर्तन के प्रति अलर्ट रहें

ताकि परिवर्तन की बड़ी से बड़ी आंधी भी आप जो भी क्षेत्र में काम कर रहे हो उसकी जड़ों को हिला ना पाए।

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Story-2 Inspirational short stories about life in hindi

 

एक डॉक्टर साहब शीघ्र गति से हॉस्पिटल के एक वॉर्ड में दाखिल हुए। एक इमरजेंसी केस होने की वजह से उसे तुरंत बुलाया गया था। अंदर आते ही उसने पाया के जिस लड़के का अकस्मात हुआ था उनके स्वजन बड़ी आतुरता से उनकी राह देख रहे थे।

डॉक्टर को देखते ही लड़के का पिता उन पर बरस पड़ा,

क्या एैसे निभाते हैं अपना फर्ज़? जब जी चाहे चले आते हो

अगर मेरे बेटे को कुछ हुआ तो आपको तो मैं छोड़ने वाला नहीं

डॉक्टर एकदम शांत चित से सुनते रहे फिर बड़ी विनम्रता से बोले

मुझे क्षमा कीजिए, मैं यहां नहीं था। और इमरजेंसी का कॉल मिलने के बाद जितना भी हो सके उतनी जल्दी से मैं यहां पहुंचा हूं। मेहरबानी करके आप लोग शांति रखिए ताकि मैं ठीक से इसका इलाज कर सकूं।

अरे आप हमें शांत होने को कह रहे हो? लड़के के पिता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। क्या इस समय अगर आप मेरी जगह पर होते तो आप चुप रहते? शांत रहने की सलाह देना

सरल है लेकिन जिस पर बीत रही हो उसी को पता होता है।

आप लोगों के पास मानव ह्रदय जैसी कोई चीज ही नहीं होती।

दया की भावना ही मर चुकी है…. आप सिर्फ अपने सुख के बारे में ही सोचते  रहते हो… पिताजी बस बोलते ही रहे……

डॉक्टर ने कहा… यदि भगवान ने चाहा तो सब कुछ अच्छा हो जाएगा आप लोग प्रार्थना कीजिए मैं ऑपरेशन के लिए जा रहा हूं।

इतना कहते ही डॉक्टर चले गए।

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Inspirational short stories about life in hindi

बाहर लड़के के पिता की छटपटाहट अभी भी चालू थी…

कैसे निर्दयी  लोग होते हैं …. अपने आप को बहुत बड़ा समझते हैं…. सुफियानी सलाह देते हैं…

लगभग 2 घंटे के बाद जब डॉक्टर बाहर निकले…  उनके चेहरे पर मुस्कान थी और बोले…आपके बेटे को अब कोई खतरा नहीं है… भगवान का लाख-लाख शुक्र …

इतना सुनते ही लड़के के स्वजन की खुशी का ठिकाना ना रहा…

उन्होंने डॉक्टर से पूछा… उनको अस्पताल से छुट्टी कब मिलेगी?

लेकिन बिना कुछ जवाब दिए डॉक्टर बिजली की रफ्तार से वापस चले गए… इसी सवाल को नर्स से पूछा गया…

लड़के के पिता ने नर्स से कहा…यह डॉक्टर तो बहुत अभिमानी है… हमारे सवाल को मानो सुना ही नहीं और ऐसे ही चल दिया…

अब नर्स का सब्र टूट गया… उसकी आंखों में आंसू आ गए.. गला रूंध गया… और बोली.. आज सुबह की बात है जब एक भयावह अकस्मात में डॉक्टर साहब के लड़के की.. मौत हो गई..

जब हमने उन्हें आपके लड़के की परिस्थिति के बारे में बताएं यार तब वे अपने बेटे के  अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे।लेकिन आपके लड़के की परिस्थिति जानकार वे फौरन यहां चले आए।

अपने दुख को एक बाजू रखकर उसने आपके बेटे की जान बचाई और अब वह अपने लाडले की अंतिम क्रिया के लिए वापस घर जा रहे हैं।

इतना सुनते ही लड़के के स्वजन  और पिता की काटो तो खून न निकले ऐसी हालत हो गई। लड़के के पिता को अपने बोले हुए एक एक शब्द  लोहे के हथौड़े की तरह, उन पर ही बार कर रहे थे।

 Moral- दोस्तों कई बार हम किसी भी परिस्थिति को पूरी तरह जाने बिना उस पर हमारी प्रतिक्रिया दे देते हैं।

हमें सबसे पहले हर किसी की हालत और परिस्थिति को जाना चाहिए समझना चाहिए और बाद में हमें बोलना चाहिए।

कई बार हम बिना जाने समझे अनजाने में ही उसको ही ठेस पहुंचा देते हैं…. जो इंसान हमारे भले के लिए सोच रहा हो।

inspiring stories in hindi for success-part 3

Story-3 Inspirational short stories about life in hindi 

 

सातवीं कक्षा के सभी स्टूडेंट काफी उमंग में थे। इस बार उन्हें

वन्य जीवन दिखाने के लिए ले जाया जा रहा था। सही वक्त पर सभी स्टूडेंट पिकनिक का सारा सामान और मौज मजा मस्ती करने के लिए बिल्कुल तैयार थे।

पिकनिक की बसमे सब ने अपनी अपनी जगह ले ली और थोड़े  ही घंटे में बस वन्य जीवन पार्क पर पहुंच गई।

वहां सब बच्चों को एक बड़े कैंटर में बिठाया और एक गाइड उन्हें वन्य जीवन पार्क दिखाने के लिए जंगल में ले गया।

प्रिंसिपल भी स्टूडेंट को अपने आसपास के परिसर और विविध प्राणी पशु पक्षी के बारे में स्टूडेंट को बहुत ही रोचक जानकारियां दे रहे थे। बच्चे भी बहुत इंटरेस्ट से प्रिंसिपल की बात सुन रहे थे।

बच्चों के लिए यह बिल्कुल नया एक्सपीरियंस था। वे कई सारे वन्य जीव और जंगली पशु पक्षियों को देख कर आनंदित हो गए थे।

रोमांचक सफर चालू था कि तभी अचानक गाइडने सभी विद्यार्थियों को शांत रहने को कहा,….चू,…..प आप सब बिल्कुल शांत रहिए और मैं जो दिखाने जा रहा हूं वह एक बहुत ही अनोखा

और दुर्लभ दृश्य है। एक मादा जिराफ इस वक्त अपने बच्चे को

जन्म दे रही है….

सभी स्टूडेंट बड़े रोमांच से उस दृश्य को देखने लगे। मादा जिराफ की हाइट काफी थी।

जन्म लेते ही बच्चा बहुत ऊंचाई से जोर से जमीन पर गिरा और उसने गिरते ही अपने  पांव अंदर की तरफ मोड लिए।

बच्चे को लगा के अभी भी व नई दुनिया में नहीं है

अपनी मां की कोख में ही है।

मां नीचे झुककर बच्चे को बड़े प्यार से देखने लगी। अपनी लंबी जीभ से उसको चाटने लगी।

सभी विद्यार्थी एक्साइटमेंट से देख रहे थे… अचानक ही कुछ ऐसी अनोखी घटना हुई जिसके बारे में विद्यार्थी सोच भी नहीं सकते थे… मादा जिराफ ने अपने बच्चे को

बहुत ही जोर से एक लात मारी और बच्चा अपनी जगह से दूसरी ओर पलट गया।

सभी स्टूडेंट चिल्ला उठे सर जी, आप उस मादा जिराफ का कुछ कीजिए  वरना यह तो बच्चे को जान से मार डालेगी।

प्रिंसिपल की ओर से कोई जवाब नहीं मिला सब लोग फिर उस दृश्य को आतुरता से देखने लगे।

बच्चा अपनी जगह से बड़ी मुश्किल से उठने का प्रयत्न कर रहा था तभी एक बार फिर मादा जिराफ ने उसे जोर से दूसरी लात मारी। इस लात के प्रहार से बच्चा अपनी जगह से उठ खड़ा हुआ

और जैसे तैसे करके चलने लगा। देखते ही देखते मादा जिराफ और उसका बच्चा जंगल में अदृश्य हो गए।

ऐसा दृश्य देखकर सभी विद्यार्थी आश्चर्यचकित थे और उसने सर से पूछा कि वह मां अपने ही बच्चे को इतनी बेरहमी से लात क्यों मार रही थी.. अगर उसके बच्चे को ज्यादा लग जाता और उसको कुछ यदि हो जाता तो?

अब प्रिंसीपल बोले मेरी बात ध्यान से सुनो…

जंगल में कई हिंसक और खूंखार प्राणी होते हैं। यहां पर इस बच्चे का जीवन इस बात पर निर्भर करता है कि…..

वह अपनी जिंदगी बचाने के लिए जितनी जल्दी हो सके इतनी जल्दी अपने पैरों पर चलना सीख ले अगर वह ऐसा नहीं कर सकता तो उसकी जान पर खतरा मंडराता रहेगा।

अगर मादा जिराफ उसे यहां पर इसी अवस्था में पड़े रहने देती और उसको लात नहीं मारती तो शायद यह बच्चा अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता था और कोई भी हिंसक प्राणी उसे अपना शिकार बना कर खा जाता।

Moral- यह सिर्फ कहानी नहीं है दोस्तों जरा ध्यान से सोचो हमारे मां-बाप भी जिंदगी में हमें कई बार डांटते हैं, कभी कभी भला बुरा कह देते हैं…. स्वाभाविक है हमें अच्छा नहीं लगता|

लेकिन अब इस कहानी से जोड़कर यदि हम सोचे तो अपने मां बाप की डांट की वजह से आज हमारी जिंदगी में हम जो कुछ भी है वह बन पाए हैं

इसलिए दोस्तों हमें हमारी जिंदगी में कभी भी हमारे घर में अपने से बड़ों की सख्ती को दिल में ना लेते हुए उसके पीछे जो आपका भला करने की उनके हृदय की भावना है , उसके बारे में सोचना चाहिए।

Motivational story in hindi about life part-4

 

नम्र विनंती- आपको यदि कोई ऐसी घटना या प्रसंग याद हो कि जिस में घर के बड़ों के कहने के कारण किसी के जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन आ गया हो….

और उसकी जिंदगी पूरी की पूरी बदल गई तो ऐसी घटना कोई ऐसा यादगार प्रसंग जो किसी महान व्यक्ति की जिंदगी से जुड़ा हो या आपकी जिंदगी से जुड़ा हो तो उस घटना या प्रसंग को नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर शेयर जरूर करिएगा।

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inspirational stories in hindi for success-part 5

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